श्री जोशी को आश्चर्य होता है जब सुधा भी अगला पत्र पढ़ने के लिए उनके साथ आ जाती है। यह पत्र आकाश और उसके घरेलू नौकर विपिन की कहानी बयां करता है! आकाश, जो हमेशा फिल्म निर्माता बनने के अपने जुनून पर सवाल उठाता था, विपिन पर एक लघु वृत्तचित्र बनाता है, जो उसके जीवन को हमेशा के लिए बदल देता है। यह पत्र श्री जोशी को अमित के अपने सैलून खोलने के फैसले पर सोचने पर मजबूर कर देता है।