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परिचय
मुख्य विशेषताएँ
लाभ
कर लाभ
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परिचय:
लेखांकन मानक (अकाउंटिंग स्टैंडर्ड) (AS-15) (संशोधित 2005) के अनुसार, नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य है कि बही खातों में सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध अवकाश नकदीकरण लाभ के संबंध में उपचित (एक्र्यूड) देयताओं के लिए वे प्रावधान रखें. यह नियोक्ता को अपने उत्पादों और सेवाओं के वास्तविक लागत का पता लगाने में मदद करता है.
इसलिए, एसबीआई लाइफ़ पेश करता है एसबीआई लाइफ़ - कैपअश्युर लीव एनकैशमेंट स्कीम - जो एक ऐसी योजना है जो न केवल आपके निवेश की गारंटी देती है बल्कि अतिरिक्त धन तथा कई और लाभ पेश करती है…!
एसबीआई लाइफ़ - कैपएश्यूर लीव एनकैशमेंट स्कीम (CA-LE):
यह एक ग़ैर-सहभागी वार्षिक नवीकरणीय पारंपरिक ग्रुप अवकाश नकदीकरण योजना है. इस योजना के अधीन, प्रदत्त अंशदानों (कंट्रीब्यूशन) का निवेशों के पारंपरिक मंच पर संग्रहण जारी रहता है और वित्तीय वर्ष के समापन पर, आपके अंशदानों पर अर्जित निवेश आय आपके CA-LE फंड खाते में जमा हो जाती है.
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मुख्य विशेषताएँ:
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पूँजी (कैपिटल) गारंटी प्रबंधन के अधीन निधि (फंड) पर
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अद्वितीय संगृहीत निधि (पूलिंग फंड) लाभ: अपने सभी नॉन-लिंक्ड निधियों (फंड) के कुल मूल्य के आधार पर उच्च प्रतिलाभ (रिटर्न) पाएँ
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अतिरिक्त निधिकरण (फंडिंग) पिछले बीमाकर्ता द्वारा प्रभारित निकास जुर्माने (एक्ज़िट पेनाल्टी) की भरपाई के लिए 3% तक
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कोई आत्महत्या बहिष्करण शर्त नहीं (नो सुइसाइड एक्सक्लूज़न) मूल जीवन बीमा-रक्षा के लिए
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हमारे ग्रुप एक्सिडेंटल डेथ एंड पर्मनेंट डिसेबिलिटी राइडर के ज़रिए आपके कर्मचारी के लिए अतिरिक्त लाभ (UIN: 111B002V01)
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लाभ:
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रिटायरमेंट/ इस्तीफ़ा/ सेवा-समापन पर: योजना के नियमानुसार उपचित (एक्र्यूड) अवकाश नकदीकरण लाभ.
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टोटल पर्मनेंट डिसेबिलिटी (TPD) होने पर : योजना के नियमानुसार उपचित (एक्र्यूड) अवकाश नकदीकरण लाभ + राइडर आश्वासित राशि, यदि कोई हो तो, दुर्घटना के कारण TPD के मामले में.
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दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर: दुर्घटना के कारण मृत्यु के मामले में, योजना के नियमानुसार उपचित (एक्र्यूड) अवकाश नकदीकरण लाभ + मास्टर पॉलिसी धारक द्वारा चयनित मूल बीमाकृत राशि + राइडर आश्वासित राशि, यदि कोई हो तो.
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तथापि, एक्सिडेंटल डेथ और टोटल पर्मनेंट डेसेबिलिटी (AD&TPD) के अधीन अधिकतम लाभ मूल बीमाकृत राशि के न्यूनतम या 5 लाख रु. तक सीमित होगा.
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अनुग्रह (ग्रेस) अवधि:
जीवन रक्षा (कवर) प्रीमियम के भुगतान के लिए 30 दिनों की अनुग्रह (ग्रेस) अवधि अनुमत होगी.
तथापि, यदि अनुग्रह (ग्रेस) अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) राशि, देय और अदत्त जोखिम प्रीमियम की प्राप्ति पर या मास्टर पॉलिसीधारक द्वारा समस्त ग्रुप के लिए जोखिम प्रीमियम के नवीकरण पर देय होगी.
30 दिनों की अनुग्रह अवधि के अंदर जोखिम/राइडर प्रीमियम की अप्राप्ति के मामले में, जीवन रक्षा (लाइफ़ कवर)/राइडर समाप्त हो जाएगी. तथापि, बिना जीवन रक्षा (लाइफ़ कवर)/राइडर के निधि (फंड) का संग्रहण जारी रहेगा और निधियों (फंड) की उपलब्धता के अधीन अवकाश नकदीकरण दावों का निपटान किया जाएगा.
पुनःप्रवर्तन (रिवाइवल) अवधि:
पहले देय लेकिन अदत्त प्रीमियम के दो वर्षों के अंदर जीवन रक्षा (लाइफ़ कवर) का पुनःप्रवर्तन (रिवाइवल) किया जा सकता है, बशर्ते कि भावी जोखिम प्रीमियम का भुगतान किया जाए.
प्रभार:
निश्चित रूप से हमारे प्रभार काफ़ी प्रतिस्पर्धी हैं और आपकी ग्रैच्यूटी फंड के आकार का लिहाज़ न करते हुए आपके लाभ के लिए परिकल्पित हैं. हम सुनिश्चित करते हैं कि आप केवल अपने लाभ के प्रति भुगतान करें -- कोई छिपी लागतें शामिल नहीं! और क्या चाहिए….. हम किसी निधि प्रबंधन (फंड मैनेजमेंट) प्रभार, किसी प्रशासनिक लागत की माँग नहीं करते और अतिरिक्त निधियन (फंडिंग) की वसूली भी बिना ब्याज के है !!!
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कर लाभ*:
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नियोक्ता द्वारा अवकाश नकदीकरण लाभ के समतुल्य नकद का किसी भी समय किया गया भुगतान आय कर अधिनियम की धारा 43B (f) के अधीन उसकी आय से काटा जा सकता है.
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कर्मचारी के लिए अवकाश नकदीकरण लाभ आय कर अधिनियम की धारा 15 के अधीन कर योग्य है
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रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को प्राप्त लाभ, न्यूनतम दस महीनों के अवकाश के अधीन, आय कर अधिनियम की धारा 10(10AA) के तहत कर-राहत पाता है.
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जीवन बीमा रक्षा के लिए प्रदत्त जोखिम प्रीमियम की राशि व्यावसायिक व्यय मानी जाएगी.
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*उपर्युक्त कर लाभ आय कर अधिनियम, 1961 और आय कर नियम, 1962 के अनुसार हैं. विवरणों के लिए कृपया अपने क़ानूनी/कर विशेषज्ञ से परामर्श करें.
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उपर्युक्त जानकारी एसबीआई लाइफ़-कैपअश्युर लीव एनकैशमेंट स्कीम का सारांश है.
अतिरिक्त जानकारी के लिए, हमारे रिलेशनशिप अधिकारियों के साथ निम्नलिखित नंबर या पते पर मुलाक़ात के लिए अनुरोध करें.
1800 22 9090 (टॉल फ़्री) या ई-मेल: corporate@sbilife.co.in
बीमा आग्रह की विषयवस्तु है.
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बीमा अधिनियम 1938 की धारा 41 के अनुसार: कोई व्यक्ति भारत में जीवन या संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार के जोखिम के संबंध में बीमा करवाने या उसका नवीकरण करवाने या उसे जारी रखने के लिए किसी भी व्यक्ति को, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, प्रलोभन के रूप में देय कमीशन पर पूर्णतः या अंशतः कोई छूट या पॉलिसी में प्रदर्शित प्रीमियम पर कोई छूट अनुमत नहीं करेगा या अनुमत करने की पेशकश ही करेगा, ना ही बीमा करवाने, उसका नवीकरण या जारी रखने वाला कोई व्यक्ति, बीमाकर्ता की प्रकाशित विवरण-पुस्तिका या तालिका के अनुसार अनुमत छूट के अलावा, किसी भी प्रकार की छूट स्वीकार करेगा
बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 45: "इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले प्रभावी किसी जीवन बीमा पॉलिसी पर, इस अधिनियम के प्रारंभ दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद, और इस अधिनियम के प्रचलित होने के बाद प्रभावी किसी भी जीवन बीमा पॉलिसी पर, उसके प्रभावी होने के दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद बीमाकर्ता द्वारा इस आधार पर सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में या किसी रिपोर्ट में या पॉलिसी जारी करने के लिए प्रयुक्त किसी दस्तावेज़ में किसी चिकित्सा अधिकारी, या रेफ़री, या बीमाकृत व्यक्ति के किसी दोस्त द्वारा किया गया कोई कथन ग़लत या झूठा था, बशर्ते कि बीमाकृत व्यक्ति यह दर्शाता है कि ऐसा कथन महत्वपूर्ण सामग्री या छिपाए गए तथ्यों पर आधारित था और उनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है और पॉलिसी धारक द्वारा कपटपूर्ण ढंग से किया गया है और ऐसा करते समय पॉलिसी धारक को ज्ञात था कि कथन झूठा है या तथ्यों को छिपाता है जिनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है:
बशर्ते कि इस खंड में शामिल कोई भी बात बीमाकर्ता को किसी भी समय उम्र का प्रमाण माँगने से नहीं रोकेगी, यदि वह ऐसा करने के लिए हकदार है, और ना ही किसी भी पॉलिसी पर सिर्फ़ इस वजह से सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में ग़लत रूप से कथित पॉलिसी की शर्तों को बीमाकृत व्यक्ति के बाद में प्राप्त उम्र संबंधी प्रमाण के फलस्वरूप सुधारा गया है".
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