 |
| सामान्य लाभ निदर्शक | ई-मेल | मुलाक़ात का अनुरोध करें |
| |
परिचय
मुख्य विशेषताएँ
पात्रता मानदंड:
लाभ
एसबीआई लाइफ़ इंश्योरेंस ही क्यों?
|
परिचय:
एसबीआई लाइफ़ - सुरक्षा प्लस नियोक्ता-कर्मचारी ग्रुप, क्रेडिट कार्ड / बैंक / म्यूचुअल फंड ग्राहक और एक सामान्य दृष्टिकोण साझा करने वाले लोगों का कोई भी ग्रुप जैसे सभी प्रकार के समूहों के लिए, बहुत ही किफ़ायती प्रीमियम पर एक प्योर टर्म असहभागी उत्पाद है, जिसमें एसबीआई लाइफ़ का लक्ष्य किसी भी परिस्थिति में आपके सदस्यों और उनके परिवार को संरक्षण देना है.
|
मुख्य विशेषताएँ*:
|
| • |
बीमा-रक्षा अवधि के चयन के लिए लचीला विकल्प |
•
•
• |
न्यूनतम एकल प्रीमियम (SP) मोड : 1 वर्ष
न्यूनतम नियमित प्रीमियम (RP) मोड : 2 वर्ष
अधिकतम अवधि : 30 वर्ष |
| • |
बीमाकृत राशि का विस्तृत विकल्प उपलब्ध |
| • |
रु. 1,000/- प्रति सदस्य से अधिकतम कोई सीमा नहीं (रु. 1/- के गुणजों में) 1/-)
|
| • |
बहुविध प्रीमियम भुगतान मोड विकल्प उपलब्ध |
| |
• |
आप एकल प्रीमियम में भुगतान कर सकते हैं या नियमित रूप से वार्षिक, अर्ध वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक आधार पर
|
•
•
• |
मुफ़्त कवर लिमिट सुविधा उपलब्ध
आपके सदस्य के पति/पत्नी और /आश्रित माता/पिता की बीमा-रक्षा करें
आपके पास अपने सदस्य के मूलभूत जीवन रक्षा* के अतिरिक्त निम्नलिखित विकल्पों* में से किसी के चयन का विकल्प मौजूद है
|
| |
•
•
• |
विकल्प 1 : ग्रुप सदस्य के लिए एक्सिडेंटल डेथ कवर
विकल्प 2 : मूलभूत जीवन रक्षा + ग्रुप सदस्य के पति/पत्नी / आश्रित माता/पिता के लिए दुर्घटनावश मृत्यु बीमा रक्षा (एक्सिडेंटल डेथ कवर)
विकल्प 3: पति/पत्नी और आश्रित माता/पिता के लिए दुर्घटनावश मृत्यु कवर (एक्सिडेंटल डेथ कवर)
|
| • |
एकल प्रीमियम मोड के लिए अभ्यर्पण (सरेंडर) सुविधा उपलब्ध.
|
पात्रता मानदंड:
|
| प्रवेश आयु (यथा पिछले जन्म-दिवस) |
ग्रुप आकार |
• न्यूनतम : 18 वर्ष
• अधिकतम : 69 वर्ष |
• न्यूनतम : 50 सदस्य
• अधिकतम : कोई सीमा नहीं |
| प्रीमियम भुगतान विकल्प |
न्यूनतम प्रीमियम : |
• एकल प्रीमियम या
• नियमित प्रीमियम
° वार्षिक
° अर्ध-वार्षिक
° त्रैमासिक
° मासिक |
• RP : रु. 1,000/- प्रति स्कीम
• SP : रु. 5,000/- प्रति स्कीम |
|
| |
लाभ:
|
| • |
परिपक्वता (मेच्यूरिटी) लाभ : कोई परिपक्वता (मेच्यूरिटी) लाभ देय नहीं क्योंकि यह प्योर टर्म उत्पाद है
|
| • |
डेथ बेनिफ़िट : |
| |
• |
ग्रुप सदस्य के लिए:
|
| |
•
• |
किसी कारणवश मृत्यु की स्थिति में, मूल आश्वासित राशि देय होगी.
यदि विकल्प 1 का चयन किया जाता है, तो दुर्घटना के कारण मृत्यु की स्थिति में, अतिरिक्त एक्सिडेंटल आश्वासित राशि देय होगी.
|
| |
• |
यदि विकल्प 2 का चयन किया जाता है: |
| |
• |
किसी कारणवश मृत्यु की स्थिति में, पति/पत्नी / आश्रित माता/पिता के लिए मूल आश्वासित राशि देय होगी.
|
| • |
किसी कारणवश मृत्यु की स्थिति में, पति/पत्नी / आश्रित माता/पिता के लिए अतिरिक्त एक्सिडेंटल आश्वासित राशि भी देय होगी.
|
| |
• |
यदि विकल्प 3 का चयन किया जाता है, तो दुर्घटना के कारण मृत्यु के मामले में, पति/पत्नी /माता/पिता की बीमा-रक्षा के लिए एक्सिडेंटल आश्वासित राशि देय होगी.
|
अनुग्रह (ग्रेस) अवधि
सभी मोड के लिए 30 दिनों की ग्रेस अवधि उपलब्ध है सिवाय मासिक के जोकि 15 दिन है.
|
एसबीआई लाइफ़ इंश्योरेंस ही क्यों?
एसबीआई लाइफ़ इंश्योरेंस, भारतीय स्टेट बैंक और बीएनपी परिबास कार्डिफ़ के बीच संयुक्त उद्यम है. भारतीय स्टेट बैंक को अपने 7 सहयोगी बैंकों के साथ भारत में सबसे बड़े बैंकिंग विक्रेयाधिकार (फ़्रैंचाइज़) का गौरव प्राप्त है. बीएनपी परिबास कार्डिफ़ यूरो ज़ोन के अग्रणी बैंक बीएनपी परिबास की बीमा शाखा है. बीएनपी परिबास शीर्षस्थ सबसे बड़ी फ़्रांसीसी कंपनी है और ग्लोबल 2000 फ़ोर्ब्स’ 2008 के अनुसार विश्व भर के बैंकिंग उद्योग में इसको पाँचवा दर्जा हासिल है, जो यूरो ज़ोन का पहला बैंक है. ब्रैंड फ़ाइनान्स 2008 के अनुसार वह 6वाँ सबसे मूल्यवान अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग ब्रांड है
* कृपया अपने कर परामर्शदाता से कर लाभों के विवरणों के लिए सलाह लें.
उपर्युक्त जानकारी एसबीआई लाइफ़ - सुरक्षा प्लस का सारांश है
अतिरिक्त विवरणों के लिए, निम्नलिखित नंबर या ई-मेल पते पर हमारे रिलेशनशिप अधिकारी से मुलाक़ात का समय तय करें.
एसबीआई लाइफ़ 1800 22 9090 (टॉल फ़्री) या ई-मेल: corporate@sbilife.co.in
बीमा आग्रह की विषयवस्तु है.
|
|
बीमा अधिनियम 1938 की धारा 41 के अनुसार: कोई व्यक्ति भारत में जीवन या संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार के जोखिम के संबंध में बीमा करवाने या उसका नवीकरण करवाने या उसे जारी रखने के लिए किसी भी व्यक्ति को, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, प्रलोभन के रूप में देय कमीशन पर पूर्णतः या अंशतः कोई छूट या पॉलिसी में प्रदर्शित प्रीमियम पर कोई छूट अनुमत नहीं करेगा या अनुमत करने की पेशकश ही करेगा, ना ही बीमा करवाने, उसका नवीकरण या जारी रखने वाला कोई व्यक्ति, बीमाकर्ता की प्रकाशित विवरण-पुस्तिका या तालिका के अनुसार अनुमत छूट के अलावा, किसी भी प्रकार की छूट स्वीकार करेगा
बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 45: "इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले प्रभावी किसी जीवन बीमा पॉलिसी पर, इस अधिनियम के प्रारंभ दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद, और इस अधिनियम के प्रचलित होने के बाद प्रभावी किसी भी जीवन बीमा पॉलिसी पर, उसके प्रभावी होने के दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद बीमाकर्ता द्वारा इस आधार पर सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में या किसी रिपोर्ट में या पॉलिसी जारी करने के लिए प्रयुक्त किसी दस्तावेज़ में किसी चिकित्सा अधिकारी, या रेफ़री, या बीमाकृत व्यक्ति के किसी दोस्त द्वारा किया गया कोई कथन ग़लत या झूठा था, बशर्ते कि बीमाकृत व्यक्ति यह दर्शाता है कि ऐसा कथन महत्वपूर्ण सामग्री या छिपाए गए तथ्यों पर आधारित था और उनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है और पॉलिसी धारक द्वारा कपटपूर्ण ढंग से किया गया है और ऐसा करते समय पॉलिसी धारक को ज्ञात था कि कथन झूठा है या तथ्यों को छिपाता है जिनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है.
बशर्ते कि इस खंड में शामिल कोई भी बात बीमाकर्ता को किसी भी समय उम्र का प्रमाण माँगने से नहीं रोकेगी, यदि वह ऐसा करने के लिए हकदार है, और किसी भी पॉलिसी पर सिर्फ़ इस वजह से सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में ग़लत रूप से कथित पॉलिसी की शर्तों को बीमाकृत व्यक्ति के बाद में प्राप्त उम्र संबंधी प्रमाण के फलस्वरूप सुधारा गया है".
|