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परिचय
मुख्य विशेषताएँ
अतिरिक्त विवरण
कर लाभ
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परिचय:
एसबीआई लाइफ़ - कैपअश्युर एक पारंपरिक नॉन लिंक्ड, असहभागी प्लान है जिसकी विशेषता है पूँजी संरक्षण सहित वृद्धि में स्थिरता. यह प्लान आईआरडीए द्वारा जारी ग्रुप मार्गनिर्देश 2005 के अनुसार गठित नियोक्ता-कर्मचारी समूह या ग़ैर-नियोक्ता-कर्मचारी समूह या अन्य किसी समूह को प्रदान किया जा सकता है.
यह एक आदर्श प्लान है जो उन ग्रुप प्रशासकों / कर्मचारियों / न्यासियों (ट्रस्टीज़) / राज्य सरकार / केंद्रीय सरकार / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है, जो ग्रुप के सदस्यों के रिटायरमेंट लाभ और अन्य कल्याणकारी लाभों के लिए फंड जमा करना चाहते हैं.
एसबीआई लाइफ़ - कैपअश्युर में क्या मिलता है?
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डिफ़ाइन्ड बेनिफ़िट (DB) स्कीम.
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डिफ़ाइन्ड कंट्रीब्यूशन (DC) स्कीम.
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हाइब्रिड स्कीम
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मुख्य विशेषताएँ:
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प्रबंधन के अधीन निधि (फंड) पर पूँजी गारंटी
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अद्वितीय पूलिंग फ़ायदा
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एसबीआई लाइफ़ द्वारा संचालित सभी नॉन लिंक्ड ग्रुप योजनाओं के अधीन समस्त फंड संगठित किए जाएँगे
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विशेष अंशदान |
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पिछले बीमाकर्ता द्वारा प्रभारित निकास जुर्माने (एक्ज़िट पेनाल्टी) को 3% अंतरित फंड राशि (निकास जुर्माने का सकल) फंड में जोड़ दिया जाएगा
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अंतर्निर्मित लाइफ़ कवर की सुविधा
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अतिरिक्त विवरण:
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अनुकूलित सेवाएँ: |
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एकल संपर्क बिंदु के रूप में समर्पित सेवा दल
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आपके प्रचालनगत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित परिचालन और दावा (क्लेम) विभाग.
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ट्रस्ट के गठन और अन्य संबंधित प्रश्नों पर क़ानूनी सलाह.
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न्यास विलेख (ट्रस्ट डीड), परिवर्तन विलेख तैयार करने, CIT आदि दाख़िल करने में मदद
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नवीनतम गतिविधियों की जानकारी हमारे ग्राहकों को देने के लिए मासिक निवेश न्यूज़लेटर
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देय लाभ |
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सदस्य की मृत्यु के मामले में, हम आपको अंतर्निर्मित आश्वासित राशि रु. 1000/- और योजना लाभ राशि अदा करेंगे.
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उत्तरजीविता लाभ (सरवाइवल बेनिफ़िट) के मामले में, योजना के नियमों के अनुसार योजना लाभ राशि अदा की जाएगी.
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बहिष्करण: |
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कोई बहिष्करण अवधि नहीं. |
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कोई आत्महत्या बहिष्करण नहीं. |
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कर लाभ*:
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ग्रैच्यूटी:
नियोक्ता के लिए: |
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अनुमोदित ग्रैच्यूटी फंड के माध्यम से किए गए अंशदान (कंट्रीब्यूशन) का दावा आय कर अधिनियम, 1961 की धारा 36 (1)(v) के तहत, उसमें शामिल शर्तों के अधीन, व्यावसायिक व्यय के रूप में किया जा सकता है.
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अनुमोदित ग्रैच्यूटी फंड द्वारा प्राप्त निवेश पर आय, अधिनियम की धारा 10(25)(iv) के अधीन कर मुक्त है.
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कर्मचारी के लिए: |
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कर्मचारी को प्राप्त रु.10,00,000 तक का ग्रैच्यूटी लाभ कर मुक्त है.
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नियोक्ता द्वारा किए गए अंशदान (कंट्रीब्यूशन) को कर्मचारी को प्राप्त करयोग्य परिलब्धियों के मूल्य में नहीं जोड़ा गया है.
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जीवन रक्षा (लाइफ़ कवर) के अधीन कोई मृत्यु लाभ (डेथ बेनिफ़िट) आय कर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (10D) के अधीन कर मुक्त है.
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अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट):
नियोक्ता के लिए: |
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नियोक्ता द्वारा अवकाश नकदीकरण लाभ के समतुल्य नकद का किसी भी समय किया गया भुगतान आय कर अधिनियम की धारा 43B (f) के अधीन उसकी आय से काटा जा सकता है.
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जीवन बीमा रक्षा के लिए प्रदत्त जोखिम प्रीमियम की राशि व्यावसायिक व्यय मानी जाएगी.
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कर्मचारी के लिए: |
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रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को प्राप्त लाभ, अधिकतम दस महीनों के अवकाश के अधीन, आय कर अधिनियम की धारा 10(10AA) के तहत कर राहत प्राप्त करता है.
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| *आय कर अधिनियम, 1961 और आय कर नियम, 1962 के अनुसार उपर्युक्त कर लाभ, कर संबंधी क़ानूनों के परिवर्तन के अधीन हैं. कृपया विवरणों के लिए अपने क़ानून / कर विशेषज्ञ से परामर्श लें. |
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पूर्वावलोकन अवधि (फ़्री लुक पीरियड):
हम पॉलिसी के नियमों व शर्तों की समीक्षा के लिए पॉलिसी दस्तावेज़ के प्राप्ति-दिनांक से 15 दिनों की पूर्वावलोकन (फ़्री लुक) अवधि पेश करते हैं और किसी भी नियम व शर्तों के प्रति असहमति की स्थिति में, मॉस्टर पॉलिसीधारक के पास आपत्ति के कारण बताते हुए पॉलिसी को लौटाने का विकल्प है, जिस स्थिति में मास्टर पॉलिसीधारक स्टाम्प ड्यूटी पर खर्च किए गए व्यय को घटा कर प्रदत्त प्रीमियम के बराबर की राशि वापस पाने के लिए पात्र है.
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उपर्युक्त जानकारी एसबीआई लाइफ़ - कैपअश्युर का सारांश है.
अधिक जानकारी के लिए, हमारे रिलेशनशिप अधिकारियों के साथ निम्नलिखित नंबर या पते पर मुलाक़ात के लिए अनुरोध करें.
1800 22 9090 (टॉल फ़्री) या ई-मेल: corporate@sbilife.co.in
बीमा आग्रह की विषयवस्तु है.
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बीमा अधिनियम 1938 की धारा 41 के अनुसार: कोई व्यक्ति भारत में जीवन या संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार के जोखिम के संबंध में बीमा करवाने या उसका नवीकरण करवाने या उसे जारी रखने के लिए किसी भी व्यक्ति को, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, प्रलोभन के रूप में देय कमीशन पर पूर्णतः या अंशतः कोई छूट या पॉलिसी में प्रदर्शित प्रीमियम पर कोई छूट अनुमत नहीं करेगा या अनुमत करने की पेशकश ही करेगा, ना ही बीमा करवाने, उसका नवीकरण या जारी रखने वाला कोई व्यक्ति, बीमाकर्ता की प्रकाशित विवरण-पुस्तिका या तालिका के अनुसार अनुमत छूट के अलावा, किसी भी प्रकार की छूट स्वीकार करेगा
बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 45: "इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले प्रभावी किसी जीवन बीमा पॉलिसी पर, इस अधिनियम के प्रारंभ दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद, और इस अधिनियम के प्रचलित होने के बाद प्रभावी किसी भी जीवन बीमा पॉलिसी पर, उसके प्रभावी होने के दिनांक से दो वर्षों के समापन के बाद बीमाकर्ता द्वारा इस आधार पर सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में या किसी रिपोर्ट में या पॉलिसी जारी करने के लिए प्रयुक्त किसी दस्तावेज़ में किसी चिकित्सा अधिकारी, या रेफ़री, या बीमाकृत व्यक्ति के किसी दोस्त द्वारा किया गया कोई कथन ग़लत या झूठा था, बशर्ते कि बीमाकृत व्यक्ति यह दर्शाता है कि ऐसा कथन महत्वपूर्ण सामग्री या छिपाए गए तथ्यों पर आधारित था और उनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है और पॉलिसी धारक द्वारा कपटपूर्ण ढंग से किया गया है और ऐसा करते समय पॉलिसी धारक को ज्ञात था कि कथन झूठा है या तथ्यों को छिपाता है जिनका प्रकटीकरण महत्वपूर्ण है:
बशर्ते कि इस खंड में शामिल कोई भी बात बीमाकर्ता को किसी भी समय उम्र का प्रमाण माँगने से नहीं रोकेगी, यदि वह ऐसा करने के लिए हकदार है, और ना ही किसी भी पॉलिसी पर सिर्फ़ इस वजह से सवाल उठाया जाएगा कि प्रस्ताव में ग़लत रूप से कथित पॉलिसी की शर्तों को बीमाकृत व्यक्ति के बाद में प्राप्त उम्र संबंधी प्रमाण के फलस्वरूप सुधारा गया है".
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